विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर युवाओं को किया गया जागरूक
September 8, 2020 • बाराबंकी टाइम्स राम गोपाल

आज विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर डिओसेस सोशल वर्क सोसाइटी द्वारा सलारपुर मुर्तिहा नेपाल बॉर्डर क्षेत्र के गाँव मे  साक्षरता दिवस मनाया गया | जिसमे अंकित मिश्रा व ग्राम प्रधान सलारपुर पंचदेव द्वारा बच्चों महिलाओं और युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, हेल्पलाइन नम्बरों 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1090 महिला हेल्पलाइन, 1076मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1903 शस्त्र सीमा बल, नेशनल हेल्‍पलाइन नंबर : 91-11-23978046 व अयोग्य सेतु एप्प्स के विषय मे जानकारी दी गयी। बच्चों महिलाओं व युवाओं द्वारा रैली निकाल कर जागरुकता की गई और एक दूसरे को शिक्षित करने हेतु कहा गया और बाल श्रम का विरोध किया गया।
गांव के युवाओं द्वारा ग्राम प्रधान से सिलाई प्रशिक्षण केंद्र हेतु सिलाई मशीन की मांग भी की गई जिसके लिए प्रधान द्वारा सहमति जताई गई। साथ   साक्षरता दिवस के विषय मे  जानकारी दी गयी सन 1966 में पहला विश्व साक्षरता दिवस मनाया गया था और वर्ष 2009-2010 को संयुक्त राष्ट्र साक्षरता दशक घोषित किया गया। तभी से लेकर आज तक पूरे विश्व में 8 सितंबर को विश्व साक्षरता दिवस के रूप में मनाया जाता है। 
  साक्षरता और निरक्षरता के आंकड़ों की बात की गई व शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया । साक्षरता दिवस पर एक प्रण करते हैं, उस यज्ञ में आहुति देने का, जो शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए बरसों से किया जा रहा है, लेकिन उसकी ज्वाला उतनी तीव्रता से धधक नहीं पा रही। जरूरी नहीं है, कि इसके लिए हमें कोई बड़े काम से शुरूआत करनी हो। आहुतियां छोटी ही होती है, लेकिन यज्ञ का महत्व और उद्देश्य बड़ा होता है। ठीक वैसे ही हमारी छोटी-छोटी कोशिशें भी कई बार बड़ा आकार लेने में सक्षम होती हैं।
अगर आप घर पर किसी गरीब बच्चे को न पढ़ा पाएं, तो अपने क्षेत्र के लोगों के साथ मिलकर कोई छोटा सा समूह बनाकर, उसके स्कूल जाने की व्यवस्था जरूर कर सकते हैं। आप कुछ वक्त निकालकर, उन पिछड़े क्षेत्रों व लोगों के बीच शिक्षा के महत्व को साक्षा कर सकते हैं, जहां शि‍क्षा से जरूरी मजदूरी और ज्ञान से जरूरी भोजन होता है।
आप ज्ञान के प्रकाश से वंचित तबके को इस बात एहसास करा सकते हैं, कि शिक्षा प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती। आप कम से कम सरकार की शिक्षा संबंधी योजनाओं की जानकारी तो बांट सकते हैं, जो आपके छोटे से प्रयास से अंधकारमय जीवन में एक नया दीपक जला सकती है। क्योंकि शिक्षा रोजगार या पैसे से ज्यादा खुद के विकास के लिए जरूरी है। शिक्षा का हमारे जीवन मे विशेष महत्व है अशिक्षित व्यक्ति नीरा पशु समान ही होता उससे अधिक कुछ भी नही तो आप सभी सदैव शिक्षा प्राप्त करने हेतु अग्रसर रहें । शिक्षा का तात्पर्य केवल किताबी ज्ञान से नही है शिक्षा हमे सामाजिक, आर्थिक, आध्यात्मिक उन्नति को निर्धारित करती है। प्रत्येक व्यक्ति को सदैव जागरूक रहना ही शिक्षित होने का प्रमाण है। तो आप सभी जागरूक बनिये और एक दूसरे को भी जागरूक करिये।