चाइना के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का जूते के माले से स्वागत किया गया
June 20, 2020 • बाराबंकी टाइम्स

बाराबंकी, 20 जून 2020। शनिवार को समाजसेवी सूबेदार मेजर जयप्रकाश मिश्र (सेवानिवृत्त) राष्ट्रीय संयुक्त सचिव एवं प्रभारी उत्तर प्रदेश वेटेरन्स इण्डिया की अध्यक्षता में चाइना के राष्ट्रपति शी जिनपिंग  का जूते के माले से स्वागत कर पुतला फूंका गया इस कार्यक्रम के दौरान सूबेदार मेजर जय प्रकाश मिश्र (से० नि०) राष्ट्रीय संयुक्त सचिव एवं प्रभारी उ० प्र० वेटेरन्स इण्डिया :- गलवान घाटी में शहीद हुए सैनिकों की अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए चीन के कायरता कृति का निंदा किया। विश्व में सैन्य शक्ति में भारत चौथे स्थान पर है, जबकि चीन तीसरे स्थान पर फिर भी मैं अपनी सैन्य शक्ति को भलीभांति जानता हूं कि मेरी सैन्य शक्ति में हमारे सैनिक का मुकाबला विश्व की किसी भी सेना में नहीं है। कोविड-19 के इस महामारी के दौर में जहां विश्व महामारी से लड़ने की कोशिश कर रहा है, वहीं चीन की इस नापाक हरकत को भारतीय सेना ने मुंह तोड़ जवाब दिया। इसी के साथ मिश्रा जी ने जनता से अनुरोध किया है कि चाइनीज सामानों का पूर्ण रूप से बहिष्कार करें।सूबेदार पी सी उपाध्याय (से० नि०) :- 
भेज दो रण में मुझे कि अभी प्राण बाक़ी है,
बूढ़ी  हड्डियों में अभी काफ़ी जान बाक़ी है।

फ़ौज छोड़ दी है मगर फ़ौजी  तो ज़िन्दा है,
मैं लड़ना चाहता हूँ जब तक साँस बाक़ी है।

ठहर जा ओ चीनी यहाँ से कहीं जाना नहीं,
तेरा और मेरा अभी काफ़ी हिसाब बाक़ी है।

तू जब भी लड़ता है तो धोखे से ही लड़ता है,
तुम्हारी हिमाक़तों का जवाब अभी बाक़ी है।

टूट चुका है हमारे सब्र का अब  बांध मगर,
तेरी इस पहल  का अंजाम अभी बाक़ी है।

कुचल देंगे सर धोखेबाज़ ड्रैगन का ‘अंजुम’,
मेरे देश के गर्म लहू में उबाल अभी बाक़ी है। 
नायक विनोद कुमार यादव (से० नि०) :- चीन को मैं यह बता देना चाहता हूं कि 1962 का भारत नहीं है। सेना हमारी उस समय भी पराक्रम से पीछे नहीं हटी और आज 2020 में उन्हें मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यदि सरकार अपनी कूटनीति में असफल होती है तो युद्ध की तैयारी ही शांति का सबसे बड़ा स्रोत है। जो भी सामान आप लोगों ने खरीद लिया है उसे ना तोड़ते हुए हमारे साथ आप सभी लोग शपथ लें की अब कोई भी चाइनीज सामान नहीं खरीदेंगे।    नायक रामनरेश फौजी :- चीन की अर्थव्यवस्था को तोड़ने के लिए मैं सरकार से यह प्रार्थना करता हूं कि चीन की बनी हुई वस्तुओं को आयात पूरी तरह से बंद करें और चीनी वस्तुओं का पूर्णतया बहिष्कार करें। यह ऊपर लेवल की बातें हैं जो सामान पेमेंट करके अपने देश में ला चुके हैं उसे जलाने से चीन की अर्थव्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हां भविष्य में कोई नई वस्तु का आयात नहीं होना चाहिए और ना ही किसी को चीनी वस्तुओं का ब्रांड अंबेसडर बनने की आवश्यकता है। सरकार एवं देश की जनता को इसका विरोध करना चाहिए। इस मौके पर दिग्विजय मिश्र प्रदेश युवा उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी उत्तर प्रदेश, अभय श्रीवास्तव, रूपेश सिंह, राजकुमार, रामकुमार मिश्रा, वीरेंद्र प्रसाद पाठक, प्रेमचंद त्रिपाठी,ब राजेश कुमार, विनोद कुमार, राकेश कुमार यादव, पी सी उपाधयाय, रामनरेश, रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, अशोक कु० शुक्ला, ज्ञान सिंह, राकेश कु० श्रीवास्तव, एम पी सिंह आदि लोग मौजूद रहें।