अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज
November 9, 2019 • बाराबंकी टाइम्स

स्वागत.. इतिहास के नए अध्याय

माला दीक्षित ' नई दिल्ली

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट शनिवार को फैसला सुनाएगा। सुबह साढ़े दस बजे फैसला सुनाए जाने की संभावना है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ द्वारा फैसला सुनाए जाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर शुक्रवार देर शाम नोटिस अपलोड किया गया।

प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने इस संवेदनशील मामले पर लगातार 40 दिनों तक सुनवाई की थी। छह अगस्त को शुरू हुई सुनवाई 16 अक्टूबर तक चली थी। 16 अक्टूबर को पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। संविधान पीठ में जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर भी शामिल हैं। बता दें कि प्रधान न्यायाधीश 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

फैसले से पहले प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी और पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह को बुलाकर राज्य और खासकर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की दोपहर में करीब डेढ़ घंटे बैठक चली। सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश के चैंबर में हुई इस बैठक में संविधान पीठ में शामिल अन्य जज भी मौजूद थे।

14 अपीलों पर हुई सुनवाई : बता दें कि अयोध्या में 2.77 एकड़ जमीन पर चार दीवानी मामलों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितंबर, 2010 फैसला सुनाया था। हाई कोर्ट ने इस जमीन को राम लला, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड के बीच तीन बराबर हिस्सों मे बांटने का आदेश दिया था जिसके खिलाफ सभी पक्षों ने कुल 14 अपीलें सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थीं।

प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था सख्त : उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर संवेदनशील जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। हॉट स्पॉट चिह्न्ति कर लिए गए हैं। असामाजिक तत्वों को भी चिह्न्ति किया गया है। प्रदेश के 21 जिले संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं।

बंद हो सकती हैं इंटरनेट सेवाएं: डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया विचारों के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम हैं। मगर, कुछ खुराफाती इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर इंटरनेट सेवाएं बंद की जा सकती हैं। इसके लिए सभी कानूनी पहलुओं पर विचार कर लिया गया है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वाले 673 लोगों की पहचान की गई है। आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे। पुलिस का सोशल मीडिया सेल एक्टिव है।

स्कूल-कॉलेज 12 तक बंद : उत्तर प्रदेश में स्कूल-कॉलेज समेत सभी शिक्षण संस्थानों को मंगलवार तक के लिए बंद कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव सूचना व गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने इसकी जानकारी दी।

विशेष सामग्री पेज 10 और 11  संवाददाता, अयोध्या : फैसले की तारीख घोषित होते ही हाई एलर्ट घोषित कर दिया गया है। अयोध्या में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। कार्तिक मेला को लेकर अयोध्या में मौजूद श्रद्धालुओं को रामनगरी से सुरक्षित उनके गंतव्य वापस भेजने का निर्देश दिया गया है। आवश्यक हुआ तो अयोध्या की ओर यातायात भी प्रतिबंधित किया जा सकता है, लेकिन अभी इसे लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है।

आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए अयोध्या में सिक्योरिटी प्लान लागू कर दिया गया है। इसकी पुष्टि मंडलायुक्त मनोज मिश्र ने की है। ड्यूटी पर लगे सभी अधिकारियों को निरंतर गश्त पर रहने को कहा गया है। मंडलायुक्त मनोज मिश्र ने बताया कि बैठक में फैसले के उपरांत अयोध्या के हालात को लेकर चर्चा हुई। अयोध्या में बड़ी संख्या में अभी श्रद्धालु मौजूद हैं। उन्हें सुरक्षित अयोध्या से भेजने के इंतजाम किए जा रहे हैं। रेलवे से भी इस मामले में सहयोग लिया जा रहा है।

रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जगतोष शुक्ला ने बताया कि अयोध्या प्रशासन का रेलवे पूरी तरह से सहयोग करेगी। एडीजी ने अयोध्या की सीमा पर लगाए गए सभी मोचरें को तत्काल प्रभाव से सक्रिय करने का निर्देश दिया है। निर्देश है कि भीड़ को किसी भी स्थिति में अयोध्या की सीमा में प्रवेश न दिया जाए। जिले में बनाई गई सभी 12 अस्थाई जेलों को भी सक्रिय कर दिया गया है। हालांकि बुधवार की रात मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेसिंग के बाद उच्चाधिकारियों ने रामनगरी में सुरक्षा व निगरानी बढ़ा दी थी। अधिगृहीत परिसर की ओर जाने वाली गलियों को बंद कर दिया गया है। शुक्रवार की रात फैसले की तिथि साफ होते ही रामनगरी की सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था में इजाफा कर दिया गया है। शुक्रवार को एडीजी ने अयोध्या मामले में तैयारी बैठक बुलाई थी। बैठक चल रही थी कि अचानक फैसले की तिथि का भी एलान हो गया, जिसके बाद रणनीति में बदलाव कर दिया गया।

कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में मंडलायुक्त मनोज मिश्र, आइजी रेंज डॉ. संजीव गुप्त, डीएम अनुज झा, एसएसपी आशीष तिवारी सहित पुलिस, पीएसी, इंटेलीजेंस, पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकारी शामिल हैं। कलेक्ट्रेट में अयोध्या की सुरक्षा को लेकर शीर्ष अधिकारियों के बीच मंथन जारी है। अयोध्या में भी सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया है। ट्रेन से सर्वाधिक भीड़ आने का इनपुट है, इसलिए रेलवे से समन्वय भी कायम कर लिया गया है। रेल पथ की पेट्रोलिंग बढ़ाने और गश्ती दल को निगरानी का निर्देश दिया गया है।

जासं, अयोध्या: रात के तकरीबन सवा नौ बजे हैं। अचानक मोबाइल पर लोगों की घंटियां आनी शुरू हो जाती हैं। नजर वॉट्सएप पर आने वाले मैसेजों पर होती है। दुकानों पर खड़े लोग एक-दूसरे से कुछ पुष्टि करते नजर आते हैं। जल्दी से वापस घर लौटने की जिद्दोजहद। हाथ पैंट की जेब में जाता है और उंगलियां मोटरसाइकिल की चाभी पकड़ती हैं। कदम गाड़ी की ओर बढ़ते हैं और जल्दी घर जाने की होती है। यह नजारा किसी एक या दो चौराहे का नहीं, बल्कि नाका, मकबरा, फतेहगंज, रिकाबगंज, चौक और नियावां का होता है। जल्दी से घर पहुंचकर सिर्फ टीवी के सामने बैठने की होती है। नाका तिराहे पर एक मेडिकल स्टोर के सामने आशीष मिलते हैं। पूछते हैं कि क्या यह सही है..।

नाका से मकबरा की ओर बढ़ने पर अमित मिलते हैं। हाथ देकर रोकते हैं, पूछा कि क्या कल वाकई फैसला आने जा रहा है। उत्तर की प्रतीक्षा के बिना उत्साही अमित अगला सवाल दागते हैं क्या होगा फैसला.। मकबरा से लालबाग के करीब पहुंचने पर क्रासिंग बंद मिलती है। मोटरसाइकिल पर बैठकर क्रासिंग खुलने का इंतजार करते तीन-चार लोगों में बातचीत होती रहती है.. लंबे दिनों बाद यह मौका आ रहा है। एक सज्जन कहते हैं बड़े भाग्य से यह दिन देखने को मिल रहा है। फतेहगंज चौराहे पर कुछ पुलिस कर्मी चौराहे पर बीच मार्ग में खड़े दिखते हैं। लोगों से यह कहते हुए हड़बड़ाएं नहीं, आराम से जाएं। यह नजारा किसी एक चौक-चौराहे पर नहीं, बल्कि करीब-करीब शहर के हर प्रमुख मार्ग और जगहों पर नजर आता है.. इतिहास के नए अध्याय के स्वागत में...।

इंतजार खत्म: पांच जजों की संविधान पीठ सुबह 10:30 बजे सुनाएगी फैसला, प्रदेश में स्कूल-कॉलेज 12 तक बंद

सीजेआइ रंजन गोगोई ' जागरण आर्काइव

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर शुक्रवार को अयोध्या में सुरक्षा बलों की संख्या और बढ़ा दी गई। अधिग्रहीत परिसर की ओर जाने वाली गलियों पर बैरियर लगा दिए गए। रामकोट तो पूरी तरह से नजरबंद कर दिया गया है। आरएएफ के जवान निगरानी कर रहे हैं ' जागरण

'>>सुरक्षा बढ़ाई गई, श्रद्धालुओं को सुरक्षित रामनगरी से रवाना करने पर जोर

'>>अयोध्या विवाद को लेकर शनिवार को फैसला आने से पूर्व ही बदली रामनगरी की आबोहवा

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वो किसी की हार-जीत नहीं होगा। देशवासियों से मेरी अपील है कि हम सब की यह प्राथमिकता रहे कि ये फैसला भारत की शांति, एकता और सद्भावना की महान परंपरा को और बल दे।

 

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री