आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बनाएंगी फैमिली कार्ड
November 27, 2019 • बाराबंकी टाइम्स

' बाराबंकी

ग्रामीण क्षेत्र में संचालित चुनिंदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अब दिन बहुरेंगे। जल्द ही इन केंद्रों को अपग्रेड कर इनमें स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम के माध्यम से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए जिले के एक पीएचसी अर्बन, 20 पीएचसी ग्रामीण क्षेत्र और 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित कुल 30 सबसेंटर को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में अपग्रेड किया गया। योजना के तहत चिह्नित क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर प्रत्येक परिवार का फैमिली कार्ड बनाकर संबंधित परिवार के मरीजों की बीमारियों का ब्योरा दर्ज करेंगी। आशाएं यह रिपोर्ट कार्ड संबंधित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर उपलब्ध कराएंगी। यहां तैनात डॉक्टरों की टीम उनकी प्राथमिक जांच के बाद मरीजों को उच्च सेंटर के लिए रेफर करेगी।

ये पीएचसी होंगी विकसित

सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि देवा ब्लॉक में देवा शरीफ, उदवत शरीफ, मसौली में सफदरगंज, मसौली, उधौली निंदूरा में लड्डूपुर, गगौली, बेनीकोडर में श्रीधरपुर, परकनपुरवा हैदरगंढ़ में सरायगोपी, सुबेहा, धलवारा, टीकारमन सिरौली गौसपुर में सैदनपुर सूरतगंज ब्लॉक में मोहम्मदपुर बाना, छेदा, महादेवा हरख ब्लॉक में हरख ब्लॉक से 30 सबसेंटरों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने बताया इन सबसेंटरों पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की तैनाती राज्य स्तर से की गई है। हेल्थ वेलनेस सेंटर पर मधुमेह, हाइपरटेंशन, गर्भाशय के मुख व स्तन कैंसर की जांच होगी। वित्तीय वर्ष (2019-2020) में 83 सबसेंटरों का चयन कर हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।

हरख ब्लॉक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को रंग-रोगन कर किया गया तैयार ' जागरण

24 घंटे स्वास्थ्य केंद्र पर रहेगा मेडिकल स्टाफ

जिन स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में अपग्रेड किया गया है। ये स्वास्थ्य केंद्र 24 घंटे खुले रहेंगे, जहां डॉक्टर व स्टाफ नर्स तथा पैरामेडिकल स्टाफ लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगे। जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र तो लगभग अधिकांश गांवों में खोले गए हैं। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता की पदस्थापना की गई है। इसके अलावा चार से पांच गांव के बीच में पीएचसी हैं, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।>हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में अपग्रेड हुए 30 सबसेंटर ' अब मरीजों की बीमारियों का दर्ज होगा विस्तृत ब्योरा