हर वितरण निगम में बिजली महंगी करने का होगा विरोध
July 10, 2019 • बाराबंकी टाइम्स

राज्य ब्यूरो, लखनऊ: बिजली दरों में प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी का विरोध करने के लिए उपभोक्ता संगठन एकजुट होना शुरू हो गए हैं। विद्युत नियामक आयोग ने प्रस्तावित दरों पर अलग-अलग शहरों में सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की है। उपभोक्ता संगठनों ने भी इसी मुताबिक प्रत्येक वितरण निगम में विरोध दर्ज करने की रणनीति बना ली है।

उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि प्रत्येक बिजली कंपनी में कुछ जानकार उपभोक्ताओं को जागरूक कर इस तरह तैयार किया जाएगा कि क्षेत्रीय समस्याओं के आधार पर वे बिजली दरों में बढ़ोतरी पर अपनी बात आयोग के सामने रख सकें। परिषद ने प्रदेश के उन सभी संगठनों को भी विरोध को धारदार बनाने को कहा है, जो बिजली महंगी करने के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय रहे हैं। वर्मा ने बताया कि सार्वजनिक सुनवाई के दौरान इस बार ऐसे विधिक तथ्य रखने की तैयारी है, जिससे बिजली दरों में प्रस्तावित व्यापक बढ़ोतरी पर रोक लग सके।

परिषद अध्यक्ष ने कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी रोकने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए किसान यूनियन, व्यापार मंडल, सामाजिक संगठन और उपभोक्ता संगठनों से संपर्क किया जा रहा है। वर्मा ने कहा कि दरों में वृद्धि रोकने के लिए जल्द ही साझा रणनीति को सामने लाया जाएगा। परिषद द्वारा उन उपभोक्ता श्रेणियों की भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिनकी दरों में पावर कारपोरेशन ने मनमानी वृद्धि की है। वर्मा ने कहा कि जरूरत पड़ी तो प्रत्येक बिजली कंपनी में उपभोक्ताओं की पंचायत कर दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ आम राय बनाई जाएगी।

यह है प्रस्ताव

प्रदेश की बिजली कंपनियों ने शहरी घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 25 फीसद बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है, जबकि ग्रामीण घरेलू अनमीटर्ड श्रेणी की दरों में भी 25 फीसद वृद्धि की तैयारी है। इसी तरह शहरी घरेलू बीपीएल की दरों में 109, किसानों की दरों में 13 और अन्य विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में भी 15 से 20 फीसद बढ़ोतरी वृद्धि की योजना बनाई गई है।

 

बिजली दरों में भारी वृद्धि के विरोध के लिए एकजुट हो रहे उपभोक्ता संगठन