विकास कार्यो पर अब ज्यादा खर्च कर सकेगी राज्य सरकार
July 6, 2019 • बाराबंकी टाइम्स

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : केंद्रीय करों के संग्रह में वृद्धि उत्तर प्रदेश सरकार का खजाना भी भरेगी और विकास कार्यों के लिए ज्यादा संसाधन मुहैया कराएगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए शुक्रवार को जो बजट पेश किया, उसमें उप्र को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के जरिये पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस साल 13 हजार 628.81 करोड़ रुपये ज्यादा मिलने का अनुमान है। हालांकि अंतरिम बजट में उप्र को 2018-19 की तुलना में 2019-20 में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के जरिये 14 हजार 916.24 करोड़ रुपये ज्यादा मिलने का अनुमान जताया गया था।

केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों की हिस्सेदारी 42 फीसद है। 2019-20 के बजट के मुताबिक केंद्रीय करों में राज्यों की कुल हिस्सेदारी 8,09,133.02 करोड़ रुपये आंकी गई है। चौदहवें वित्त आयोग के फामरूले के अनुसार केंद्रीय करों के राज्यांश में उप्र का हिस्सा 17.95 प्रतिशत है। इस हिसाब से वर्तमान वित्तीय वर्ष में उप्र को केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में से 145312.19 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। वहीं 2018-19 के संशोधित अनुमानों के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष में उप्र को केंद्रीय करों से एक लाख 31 हजार 683.38 करोड़ रुपये मिले थे। इस हिसाब से अगले वित्तीय वर्ष में उप्र को 13 हजार 628.81 करोड़ रुपये ज्यादा मिलेंगे।

केंद्र सरकार के बजट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2019-20 में उप्र को कॉरपोरेशन टैक्स से 49510.6 करोड़ रुपये, इन्कम टैक्स से 37848.01 करोड़ रुपये, सेंट्रल जीएसटी से 39570.77 करोड़ रुपये, कस्टम शुल्क से 10460.04 करोड़ रुपये और केंद्रीय उत्पाद शुल्क से 7924.1 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।

अंतरिम बजट में केंद्रीय करों में राज्यों की कुल हिस्सेदारी 844605.48 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इस आधार पर उप्र को 2019-20 में केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में से 151682.7 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया गया था। वहीं 2018-19 के बजट के पुनरीक्षित अनुमानों में उप्र को केंद्रीय करों से 136766.46 करोड़ रुपये मिलने की संभावना जतायी गई थी। इस हिसाब से उप्र को पिछले के मुकाबले चालू वित्तीय वर्ष में 14916.24 करोड़ रुपये ज्यादा मिलने की उम्मीद जताई गई थी।

 

'>>केंद्रीय करों से उत्तर प्रदेश को 13 हजार 628 करोड़ ज्यादा मिलेंगे

'>>चालू वित्तीय वर्ष में कुल 145312.19 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान

केंद्र सरकार का बजट भारत को दुनिया की आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक और कदम है। यह बजट देश के आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के साथ नए और शक्तिशाली भारत का निर्माण करेगा।

 

योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री

योजनाओं का मिलेगा लाभ

 

बजट में कई केंद्र पुरोनिधानित योजनाओं का आवंटन पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में बढ़ाया गया है। इसका लाभ भी उप्र को मिलेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, ग्रामीण पेयजल मिशन, राष्ट्रीय शिक्षा मिशन, कौशल विकास, आजीविका मिशन, स्वास्थ्य बीमा योजना, अमृत, पुलिस बल आधुनिकीकरण के लिए पिछली बार की तुलना में अधिक राशि आवंटित की गई है।