मुठभेड़ से टली बैंक डकैती, मिली राहत
June 29, 2019 • बाराबंकी टाइम्स

वारदात के बाद आत्मसमर्पण करने की थी साजिश, सीतापुर पुलिस ने भी ली राहत की सांस

संवादसूत्र, बाराबंकी: बाराबंकी पुलिस से मुठभेड़ में दोनों शातिर अपराधियों के मारे जाने से सीतापुर पुलिस ने भी राहत की सांस ली है। इन बदमाशों ने शुक्रवार को बैंक डकैती की प्लानिंग भी बना रखी थी। अगर रामनगर लूट के बाद मुठभेड़ न होती तो वह बाराबंकी अथवा फतेहपुर कहीं भी बैंक डकैती को अंजाम दे सकते थे। इससे पुलिस की मुसीबत बढ़ जाती। फिलहाल दोनों अपराधियों के मारे जाने से करीब पचास मुकदमों का निस्तारण होने की उम्मीद है।

सीतापुर के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र निवासी जुबेर उर्फ जुनैद और लोमस के गिरोह में और कई शातिर सदस्य हैं। यह गिरोह 1996 से सक्रिय है। 1996 से 2019 तक के अपराधिक सफर में इस गिरोह ने केवल सीतापुर और बाराबंकी जिले में ही लूट, डकैती, चोरी और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम दिया। सीतापुर में सर्वाधिक रामपुर मथुरा, सदरपुर और बाराबंकी में मोहम्मदपुरखाला, फतेहपुर, जहांगीराबाद, सुबेहा, कोतवाली नगर, रामनगर और हैदरगढ़ थाना क्षेत्र में यह गिरोह वारदातें करता था। आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस को जुबेर के खिलाफ बाराबंकी में 29 और सीतापुर में 21 मुकदमों का पता चला है, जबकि लोमस के खिलाफ सीतापुर में 38 और बाराबंकी जिले में सात मुकदमे दर्ज हैं। इनके मारे जाने से दोनों जिलों की पुलिस को राहत मिली है। वहीं रामनगर में लूट के बाद अगर यह बदमाश पुलिस के हत्थे न चढ़ते तो शुक्रवार को वह बैंक डकैती की वारदात को भी अंजाम दे सकते थे।

एसपी अजय साहनी ने बताया कि पुलिस इन अपराधियों पर लगातार नजर रखे थी। इसके तहत यह सूचना भी मिली थी कि गिरोह बैंक में डकैती की तैयारी में है। डकैती के बाद यह बदमाश न्यायालय में आत्मसमर्पण करने की तैयारी बना रखी थी। इन बदमाशों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है, जिसकी अभी भी तलाश चल रही है।

निरंकार जायसवाल ' बाराबंकीपुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों का परिवार अपने मुखिया की कारगुजारी के चलते तकलीफों का सामना कर रहा था। जुबेर की आपराधिक छवि के कारण उसके समाज के लोग उसके परिवार से कोई रिश्ता जोड़ना नहीं चाहते थे। वहीं लोमस की पत्नी की मौत के बाद उसके बेटे की परवरिश उसके रिश्तेदारों ने की। पिता के बार-बार जेल जाने के कारण वह न तो पढ़ाई कर सका और न ही उसके अपने पिता से अच्छे संबंध थे। दोनों परिवारों को इसी अंजाम की आशंका भी थी।सीतापुर के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के टेरा मजरे मनिकापुर निवासी जुबेर उर्फ जुनैद की पत्नी नूरजहां ने बताया कि सुबह सात बजे स्थानीय पुलिस ने उसे पति के एनकाउंटर की सूचना दी थी। नूरजहां ने बताया कि जुबेर कुछ माह पहले ही जेल से छूट कर बाहर आए थे। उन पर कई मुकदमे दर्ज थे। इस कारण उनके परिवार से कोई रिश्ता जोड़ना नहीं चाहता है। उसकी सात संतानें हैं। सोनू (19), छोटू (17), आसमीन (16), अब्दुल कादिर (9), उमेरा (7), राशिद (5) और नौ माह की जुनेरा है। बताया कि दो पुत्र शादी के लायक हैं, पर बदनामी के कारण कोई रिश्ता नहीं आता है। वह यह भी स्वीकार करती हैं कि पति की कारगुजारी से पूरा परिवार प्रभावी था। वह बताती हैं कि मसौली बांसा शरीफ जाने की बात कहकर वह घर से निकले थे, पता नहीं जो हुआ वह अच्छा हुआ कि खराब। वहीं फतुबापुर गांव निवासी लोमस चौहान के पुत्र पूरन (19) ने बताया कि उसके सिर से तभी मां का साया हट गया था जब वह गोद में था। पिता के बार-बार जेल जाने के कारण वह अलग-अलग रिश्तेदारों के यहां पल तो गया, पर पढ़ाई नहीं कर सका। अपराध जगत से जुड़े होने के कारण उसकी अपने पिता से पटरी नहीं खाती थी। एक टेंट की दुकान में काम कर वह जीवन यापन करता है, इसके बावजूद वह कहता है कि पिता के साथ जो हुआ वह अच्छा नहीं हुआ। उसके साथ गांव के कुछ लोग इक्का-दुक्का रिश्तेदार आए थे।

जुबेर की पत्नी बोली बदनामी के कारण नहीं आया बेटे के लिए कोई रिश्ता, रिश्तेदारों के यहां पले लोमस के पुत्र का नहीं था पिता से तालमेलमृत लोमस के पुत्र से पूछताछ करती पुलिस और जिला अस्पताल के शव विच्छेदन गृह के निकट बैठी मृत जुबेर की प}ी ' जागरण

एक ने कुदरती न्याय दूसरे ने बताया कुम्हलाती आस

जिन दो शातिर अपराधियों को एनकाउंटर में मार गिराया गया है। उन्हें तहसील क्षेत्र की दो बड़ी घटनाओं में शामिल होने का दावा कर रही है। गत पांच जून को कोतवाली क्षेत्र के नंदनाकला गांव में दो घरों से लाखों के जेवरात लूटने और हथगोला फेंकने की घटना हुई थी। इसमें विजय सिंह के घर से चार लाख से अधिक के सोने-चांदी के जेवरात और 19 हजार की नकदी उठा ले गए थे। एनकाउंटर की खबर सुनने के बाद विजय सिंह ने कहा कि पुलिस ने घटना का खुलासा तो कर दिया मगर लूटे गए जेवरात की वापसी की आस धूमिल हो गई है। एनकाउंटर में मारे गए अपराधियों ने 10 जून को मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के बिबियापुर गांव में बड़ी वारदात की थी। शिक्षामित्र राकेश यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी। राकेश के भाई विनोद यादव ने एनकाउंटर की खबर सुनते ही कहा कि हत्यारों को कुदरत का न्याय मिल गया है ।

Awadhesh kumar singh