भाजपा को 23 मई को होगा मेरी ताकत का अहसास: राजभर
May 21, 2019 • बाराबंकी टाइम्स

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : योगी सरकार से बर्खास्त किये जाने के बाद पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री व सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा 'केवल देह जला देना, मेरा अंतिम दाह नहीं।' वह अब एक जून को अपनी प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाएंगे और भाजपा संगठन और सरकार के खिलाफ लंबे संघर्ष की रणनीति बनाएंगे। राजभर ने कहा 'मैंने गठबंधन धर्म का खूब निर्वाह किया लेकिन, हमारा गुनाह यही है कि हमने भाजपा में अपनी पार्टी का विलय नहीं किया। पर, मुङो खुशी है कि मैं सुभासपा और महाराजा सुहेलदेव के विचारों को जिंदा रखने में सफल रहा हूं।' दावा किया कि 23 मई को भाजपा को हमारी ताकत का अहसास हो जाएगा। भाजपा किसी तरह 20 सीट जीतेगी।सोमवार को कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर बातचीत में राजभर ने कहा कि मैंने सरकारी गाड़ी वापस कर दी है और जिस दिन विधायक का आवास आवंटित हो जाएगा उसी दिन यह बंगला भी छोड़ दूंगा। राजभर ने कहा कि मेरा हटना तो उसी दिन तय हो गया था जब 19 मार्च 2018 को योगी सरकार के वर्षगांठ समारोह में शामिल नहीं हुआ। लेकिन, इस सरकार में हटाने की हिम्मत नहीं थी। हिम्मत होती तो 17 अप्रैल को जब मैंने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की तभी बर्खास्त कर देते। उससे पहले 13 अप्रैल को जब योगी ने रात को मुङो भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ने को कहा और मैंने मना करते हुए उनके यहां इस्तीफा भिजवा दिया, तभी उन्हें इस्तीफा मंजूर करना चाहिए था। राजभर का कहना था कि चुनाव में उनकी तस्वीर का प्रयोग किया और उनके नाम पर वोट मांगे गये और चुनाव खत्म होने के बाद बर्खास्तगी की गई। उन्होंने कहा कि मैंने गाली नहीं दी। भाजपा झूठों की पार्टी है और मुङो भी झूठ बोलना सिखाते रहे। हमारी पार्टी में कोई तोड़ फोड़ नहीं हो सकती। राजभर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पिछड़ों के हक की आवाज उठाने की वजह से उनसे खफा थी।राज्यमंत्री अनिल राजभर ने कहा कि गाजीपुर में सुहेलदेव पर प्रधानमंत्री द्वारा डाक टिकट जारी करने के कार्यक्रम का विरोध करने पर राजभर समाज ओमप्रकाश राजभर से नाराज था। उसी समय से पूरा समाज मंत्रिमंडल से हटाने की मांग कर रहा था।यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजभर ने हर कदम पर गठबंधन धर्म की मर्यादा का न केवल उल्लंघन किया बल्कि उसे तार-तार भी किया। इसलिए योगी आदित्यनाथ दोनों को ही सख्त निर्णय लेने पर विवश होना पड़ा है।                             डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष