पूरे देश में होनी चाहिए एक भाषा: शाह
September 15, 2019 • बाराबंकी टाइम्स

नई दिल्ली : एक टैक्स, एक संविधान, एक राशन कार्ड के बाद अब हिंदी को पूरे देश की भाषा बनाने पर सरकार आगे बढ़ेगी। हंिदूी दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी भारतीय भाषाओं को तरजीह देते हुए कहा कि हंिदूी भारत की पहचान बन सकती है। सभी को इसे इज्जत देनी चाहिए और सरकार भी यह कोशिश करेगी कि हंिदूी हर घर तक पहुंचे। लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने भी शाह का समर्थन करते हुए कहा कि अंग्रेजी की अनिवार्यता को खत्म कर उच्च अदालतों में भी हंिदूी का प्रयोग शुरू होना चाहिए।

शनिवार को दिल्ली में हंिदूी दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम में शाह ने कहा कि देश को एकता की डोर में बांधने का काम अगर कोई भाषा कर सकती है, तो वो वह हिंदी ही है।

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि हिंदी भारत में सर्वाधिक बोली एवं समझी जाने वाली भाषा है जो सभी भारतीयों को एकता के सूत्र में पिरोती है।

अमित शाह ' जागरण आर्काइव

विपक्ष को नहीं रास आया बयान गृह मंत्री अमित शाह का एक देश एक भाषा की वकालत करना विपक्षी दलों को रास नहीं आया। कांग्रेस ने सरकार से अकारण हंिदूी को लेकर विवाद न खड़ा करने की सलाह दी। वहीं असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, हिंदी हर भारतीय की मातृभाषा नहीं है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हमें सभी भाषाओं और संस्कृतियों का सम्मान करना चाहिए।