पीएम ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख को दिलाया सुनहरे भविष्य का भरोसा
August 9, 2019 • बाराबंकी टाइम्स

अनुच्छेद 370 रद होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के नाम संबोधन

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। टीवी पर लाइव कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सुरक्षा घेरे में जी रहे सूबे में जल्द ही सामान्य स्थिति होगी। सोमवार को होने वाली बकरीद के लिए शुभकामनाएं देते हुए यह भरोसा दिया कि इसे मनाने में कोई परेशानी नहीं होगी। बल्कि राज्य से बाहर रहने वाले लोगों को घर तक पहुंचने में मदद भी दी जाएगी। वहीं सुनहरे भविष्य का सपना भी दिखा दिया, जहां समाज के हर वर्ग को देश के साथ कदमताल कर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, सामाजिक न्याय के तहत शोषण से बचने और बचाने का कानूनी कवच मिलेगा और सरकारी कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तरह सुविधाएं मिलेंगी। इनमें राज्य के पुलिसकर्मी भी होंगे। वहीं दो दिनों से बौखलाहट में कदम उठा रहे पाकिस्तान को नजरअंदाज कर यह भी जता दिया है कि भारत आश्वस्त और विश्वस्त है।

लगभग 40 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने विरोध करने वाले राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया कि अब सरकार के साथ खड़े होकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि किसने समर्थन किया और किसने नहीं अब यह वक्त नहीं है। सबको जनभावना का आदर करना चाहिए। प्रधानमंत्री का यह बयान खासा अहम है क्योंकि कांग्रेस के अंदर ही युवा से लेकर वरिष्ठ नेताओं ने भी सरकार के कदम का समर्थन किया है। अनुच्छेद 370 को कश्मीर के विकास में बढ़ी बाधा करार देते हुए उन्होंने कहा कि इससे केवल परिवारवाद, आतंकवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ने में मदद मिली। पाकिस्तान ने इसे आतंक फैलाने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। जबकि आम कश्मीरियों के हाथ खाली थे। उन्होंने कहा कि अब जब यह प्रावधान खत्म हो गया है तो प्रदेश ऊंचाइयां छुएगा। उन्होंने कहा - 'आतंकवाद से मुक्त कराएंगे, फिर से धरती का स्वर्ग बनाएंगे, ईज आफ लि¨वग बढ़ेगी, विकास के मानक पर प्रदेश विश्व को आकर्षित करने लगेगा, हर जनता को अधिकार मिलने लगेगा और शासन प्रशासन जनहित में काम करने लगेगा तो मुङो नहीं लगता है कि जम्मू-कश्मीर में केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा बनाए रखने की जरूरत रहेगी। हालांकि लद्दाख केंद्र शासित ही रहेगा।'

केंद्रीय कर्मियों को मिलने वाले लाभ का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्रीय कर्मियों को एलटीसी, हाउस रेंट अलाउंस, एजुकेशन अलाउंस, हेल्थ स्कीम जैसी अनेक सुविधाएं मिलती हैं जिनमें से अधिकांश जम्मू कश्मीर के कर्मचारियों को नहीं मिलती हैं। अब समीक्षा कर यह सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। बहुत जल्द ही जम्मू कश्मीर व लद्दाख में केंद्र व राज्य के रिक्त पदों को भरने की कोशिश जाएगी। पीएसयू और प्राइवेट की कंपनियों को भी रोजगार के नए क्षेत्र उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही सेना और अर्धसैनिक बलों द्वारा स्थानीय युवाओं की भर्ती करने के लिए रैली आयोजित की जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप योजना का विस्तार किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में राजस्व घाटा बहुत ज्यादा है, इसके प्रभाव को कम करने की कोशिश भी सरकार करेगी। जम्मू कश्मीर और लद्दाख दुनिया का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र बनने की क्षमता रखता है।इसे परवान चढ़ाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कई केंद्रीय योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह लोगों के जीवन में परिवर्तन के लिए है। केंद्र सरकार स्थानीय जनता के सहयोग से पूरी कोशिश करेगी कि हर क्षेत्र में विकास नई ऊंचाइयों को छुए।