तीन तलाक देने वाले पति सहित 13 पर मुकदमा
July 16, 2019 • बाराबंकी टाइम्स

संवादसूत्र, फतेहपुर (बाराबंकी) : दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को निकाह के 12 घंटे बाद तीन तलाक देने के मामले में कोतवाली पुलिस ने पति समेत उसके परिवारजन पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सभी 13 लोगो के विरुद्ध दहेज उत्पड़ीन आदि की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमे की जांच क्षेत्रधिकारी फतेहपुर कर रहे हैं।

फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम हसनपुर टांडा निवासी कुतुबुद्दीन ने 13 जुलाई को अपनी पुत्री रुकसाना बानो का निकाह जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के शाहे आलम के साथ किया था। दहेज में बाइक न देने की बात पर पति ने निकाह के मात्र 12 घंटे बाद ही उसको को तीन तलाक दे दिया था। मामले में पीड़िता के पिता ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। कोतवाली पुलिस ने आरोपित पति शाह आलम, ससुर उस्मान गनी, तीन ननद जुबैदा बानो, उमेरा बानो और आयशा बानो व देवर समेत कुल 13 लोगों लोगों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न और धमकी आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि पीड़िता के पिता ने जो मुकदमा दर्ज कराया है, उसकी विवेचना सीओ फतेहपुर अर¨वद कुमार वर्मा कर रहे हैं। जांच चल रही है और साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

 

अल्पसंख्यक आयोग ने बाराबंकी की घटना का लिया संज्ञान

 

राज्य ब्यूरो, लखनऊ: अल्पसंख्यक आयोग ने बाराबंकी में निकाह के 12 घंटे बाद ही तीन तलाक देने के मामले को गंभीरता से लिया है। आयोग ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक से घटना का तीन दिन में ब्यौरा मांगा है। दरअसल, बाराबंकी के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में हसनपुर टांडा में रहने वाले कुतुबुद्दीन ने पुत्री रुकसाना बानो का निकाह बाराबंकी के शाहे आलम के साथ 13 जुलाई को किया था। दहेज में मोटरसाइकिल न मिलने से रुकसाना का पति नाराज था। उसने निकाह के 12 घंटे बाद ही गुस्से में आकर प}ी को सबके सामने तीन तलाक बोल दिया। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। 'दैनिक जागरण' में खबर प्रकाशित होने के बाद अल्पसंख्यक आयोग ने इसका संज्ञान लेकर पुलिस अधीक्षक से घटना की जानकारी मांगी है। साथ ही आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के सदस्य परविन्दर सिंह ने कहा कि तीन तलाक जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह की घटना समाज में कलंक हैं।